सामाजिक-सांस्कृतिक जड़े हिलाने वाले ‘दलित पैंथर’ के पचास साल

त्ताधारियों द्वारा जाति वर्चस्व की मानसिकता को समर्थन दिया जाता है, मजदूर वर्ग में बेरोजगार युवाओं को उकसाया जाता है और दलितों पर हमले किए जाते हैं, यह हालात 50 साल पहले भी मौजूद थे। जब दलित पैंथर बना, तब से ही संगठन ने …

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नफरत के खिलाफ ‘सभ्यताओं के गठबंधन’ की जरुरत

पूरी दुनिया में ‘सभ्यताओं के टकराव’ की बात करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। भारत में भी विघटनकारी प्रवृत्तियां मजबूत हुई हैं। लेकिन ‘सभ्यताओं के गठबंधन’ का सिद्धांत ही कई नए उभरते समूहों का पथप्रदर्शक और हमारे भविष्य के लिए वे अत्यंत …

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सफ़दर हाशमी ने नुक्कड़ नाटक को दी एक नई पहचान

रंगकर्मी सफ़दर हाशमी का नाम जे़हन में आते ही ऐसे रंगकर्मी का ख़याल आता है, जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी नुक्कड़ नाटक के लिए कु़र्बान कर दी। उन्होंने बच्चों के लिए कई मानीखे़ज गीत लिखे, देश के ज्वलंत मुद्दों पर पोस्टर्स बनाए, फ़िल्म फे़स्टिवल्स आयोजित …

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जब सम्राट जहाँगीर ने अबुल फ़ज़ल की हत्या कर दी?

कबर अपने सहयोगी अबुल फजल पर कितना भरोसा करते थे, यह किसी से छिपा नहीं है। आखिर वह उनका सलाहकार, जीवनीकार भी था। उन्होंने अकबर के दक्षिण अभियान का नेतृत्व किया। वह तुर्की, फारसी, संस्कृत, अरबी और हिन्दी के विद्वान थे।

अबुल फजल ने …

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चर्चों पर हमले : नफरत को कानूनी जामा पहनाने की मिसाल

स सप्ताह पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने कर्नाटक के ईसाई समुदाय और उनके गिरजाघरों पर हुए हमलों के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसी सप्ताह ही कर्नाटक सरकार ने एक ऐसे कानून का ऐलान किया है जिससे अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता …

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क्या होती हैं ‘गंगा-जमुनी’ तहजीब?

विश्व हिन्दू परिषद के महासचिव मिलिन्द परांडे ने हाल में (सितंबर 2021, द टाईम्स ऑफ इंडिया) में कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब (जिसे भारत में हिन्दू और मुस्लिम संस्कृति के संगम के लिए प्रयुक्त किया जाता है।) एक अप्रासंगिक और खोखली परिकल्पना है। उन्होंने कहा

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उदार और धर्मनिरपेक्ष निज़ाम जब हुए दुष्प्रचार के शिकार !

पंधरा अगस्त 1947 को भारत तमाम संघर्ष के बाद आजाद तो हो गया लेकिन उस वक्त सरकार के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती थी वह 565 छोटी-बड़ी रियासतों के विलय की थी। चूंकि कांग्रेस ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि आजादी के

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रेप मामलों में कानूनी सख्ती की मांग, पर मानसिकता का क्या?

इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली मुंबई की बलात्कार की घटना को ले कर इन दिनों महाराष्ट्र में बेहद गुस्से और आक्रोश का माहौल बना हुआ हैं। सोशल मीडिया पर कैंपेन चल रहे हैं, सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और सियासत

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औरंगज़ेब को इतिहास में मूर्तिभंजक क्यों लिखा जाता हैं?

रंगज़ेब द्वारा बनारस के प्रसिद्ध शिश्वनाथ मंदिर के ध्वंस की काफी चर्चा होती है। यह मंदिर अकबर के नौरत्नों में शामिल टोडरमल द्वारा बनवाए गया था। अक्सर इस घटना को औरंगज़ेब की धार्मिक घृणा के परिणाम के रूप में देखा जाता है। इतिहासकार डॉ.

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महमूद ग़ज़नवी के खिलाफ हिन्दू राजा एकजूट क्यों नही हुए ?

मूद ग़ज़नवी मध्य अफ़ग़ानिस्तान में केन्द्रित गज़नवी राजवंश के एक महत्वपूर्ण शासक थे। जिसे अपना राजपाट और उसकी व्यवस्था चलाने के लिए धन की आवश्यकता होती थी, जिसे अफगानिस्तान जैसे बंजर और रेगिस्तानी क्षेत्र से पाना संभव ही नहीं था। इसी धन

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