आज तक मुंबई में भटकती हैं मंटो की रूह           
कला-साहित्य
क्या उर्दू मुसलमानों की भाषा है?           
कला-साहित्य
इरफ़ान की आंखें भी करती थी लाजवाब अभिनय           
कला-साहित्य
कभी किसी के शागिर्द नहीं बने उस्ताद ग़ालिब           
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